जिले में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब 9 वर्षीय छात्रा को कथित रूप से बहला-फुसलाकर जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की गई। बच्ची के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। घटना की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया और कई संगठनों के लोग थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 9 वर्षीय छात्रा को कथित रूप से बहला-फुसलाकर जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की गई। बच्ची के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। यह घटना गुरुवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे थाना सासनी गेट क्षेत्र के भुजपुरा इलाके में हुई बताई जा रही है। आरोपी युवक की पहचान रिजवान के रूप में हुई है, जो ई-रिक्शा चालक बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रिजवान मूल रूप से बुलंदशहर जिले के खुर्जा का रहने वाला है और अलीगढ़ में रहकर ई-रिक्शा चलाने का काम करता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
चॉकलेट का लालच देकर बहलाने की कोशिश
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय चौथी कक्षा में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा अपने घर के आसपास मौजूद थी। इसी दौरान आरोपी युवक वहां पहुंचा और बच्ची को चॉकलेट देकर बहलाने की कोशिश करने लगा। बताया जा रहा है कि पहले युवक ने बच्ची से दोस्ताना अंदाज में बात की और उसे चॉकलेट देने का लालच दिया। लेकिन बच्ची ने उसकी बातों पर भरोसा नहीं किया और जाने से इनकार कर दिया। जब बच्ची ने आरोपी की बात नहीं मानी तो उसने जबरदस्ती शुरू कर दी। आरोप है कि युवक ने बच्ची का हाथ पकड़ लिया और उसे अपने ई-रिक्शा में बैठाने की कोशिश करने लगा।
बच्ची की चीख से मच गया हड़कंप
जैसे ही आरोपी युवक ने बच्ची को जबरदस्ती खींचना शुरू किया, बच्ची डर गई और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग और राहगीर सतर्क हो गए। लोगों को जब घटना संदिग्ध लगी तो उन्होंने तुरंत दौड़कर युवक को पकड़ लिया। इसके बाद भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने आरोपी युवक की जमकर पिटाई कर दी। कुछ ही देर में वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही थाना सासनी गेट की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने भीड़ के बीच से आरोपी युवक को छुड़ाकर अपने कब्जे में लिया और उसे थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में बच्ची के परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सिटी एसपी मयंक पाठक ने बताया कि सुबह करीब 9:30 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ई-रिक्शा चालक एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि मामले में प्राप्त तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था कायम है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
घटना के बाद इलाके में तनाव
घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि अगर बच्ची समय रहते शोर नहीं मचाती और आसपास मौजूद लोग सतर्क नहीं होते तो बड़ी वारदात हो सकती थी। कई स्थानीय लोगों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना देना भी बेहद जरूरी है।
थाने पहुंचे संगठन के लोग
घटना की जानकारी जैसे ही आसपास के इलाकों में फैली, कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के लोग भी सक्रिय हो गए। बताया जा रहा है कि बजरंग दल सहित कई हिंदू संगठनों और भाजपा के कुछ कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए। इन लोगों ने आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। कुछ समय तक थाने के बाहर हंगामे जैसी स्थिति भी बनी रही। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आरोपी युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं और वह बच्ची को कहां ले जाने की योजना बना रहा था। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी मिल सके। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।
बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।