उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने पुलिस से लेकर आम लोगों तक सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। 24 साल पहले मृत घोषित की जा चुकी एक महिला अचानक ‘जिंदा’ होकर सामने आ गई और खुद को अपने पति की पत्नी बताते हुए पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा दी। जब पति को इस शिकायत की जानकारी मिली तो वह खुद हैरान रह गया। जांच शुरू हुई तो कहानी में ऐसे मोड़ सामने आए जिसने पूरे मामले को रहस्य, धोखाधड़ी और पहचान के सवालों से जोड़ दिया।
अचानक ‘जिंदा’ होकर लौट आई 24 साल पहले मर चुकी पत्नी! पति और पुलिस दोनों हैरान
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से सामने आया यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। यहां एक व्यक्ति की पत्नी, जिसे परिवार और प्रशासन ने करीब 24 साल पहले मृत मान लिया था, अचानक ‘जिंदा’ होकर सामने आ गई और अपने पति के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा दी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस रहस्यमयी कहानी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
पति को पुलिस का फोन आया तो उड़ गए होश
गोरखपुर के मेहदावल क्षेत्र के बरुईपुर गांव निवासी रामजीत धनबाद की कोयला खदान में काम करते हैं। उनकी जिंदगी सामान्य तरीके से चल रही थी, तभी एक दिन पुलिस का फोन आया। पुलिस ने बताया कि उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। यह सुनते ही रामजीत सन्न रह गए, क्योंकि उनकी पत्नी कपूरा देवी की मौत वर्ष 2002 में हो चुकी थी।
रामजीत के अनुसार पत्नी के निधन के बाद उन्होंने दूसरी शादी नहीं की। बच्चों की परवरिश के लिए उन्होंने एक महिला को घर पर देखभाल के लिए रखा था, जो कुछ समय बाद वहां से चली गई।
‘पत्नी’ बनकर मांगने लगी अधिकार
रामजीत का आरोप है कि वही महिला बाद में खुद को उनकी पत्नी कपूरा देवी बताने लगी। उसने अलग-अलग सरकारी अधिकारियों और पुलिस के पास प्रार्थना पत्र देकर दावा किया कि उसका पति उसे छोड़ चुका है और उसे उसका वैवाहिक हक दिलाया जाए।
महिला ने खुद को पीड़ित बताते हुए कहा कि वह दर-दर भटकने को मजबूर है और पति ने उसे घर से निकाल दिया है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जब रामजीत से संपर्क किया तो पूरा मामला उलझ गया।
24 साल पहले मर चुकी पत्नी कैसे हुई जिंदा?
जब रामजीत ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी तो 24 साल पहले ही दुनिया छोड़ चुकी है, तो पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई।
जांच में जो सच सामने आया, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
जांच में खुला बड़ा राज
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि शिकायत करने वाली महिला का असली नाम गंगा भारती है। वह गोरखपुर के ही एक व्यक्ति रामप्रीत की पत्नी बताई जा रही है। आरोप है कि उसने खुद को कपूरा देवी बताकर कानूनी दस्तावेज तैयार करवाने और अधिकार हासिल करने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, महिला ने गोरखपुर दीवानी न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल कर केस भी दायर किया था। परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश भी की गई, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
पैसों की मांग का आरोप
रामजीत का आरोप है कि महिला ने उनसे पैसे की मांग की थी। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो वह वापस चली गई और बाद में शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया। अब रामजीत खुद कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।
पुलिस भी उलझी, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील और कानूनी रूप से जटिल है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है और सभी पक्षों से पूछताछ जारी है। जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।
पहचान और कानून पर उठे सवाल
यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं बल्कि पहचान से जुड़े कानूनी सिस्टम पर भी सवाल खड़े करता है। अगर कोई व्यक्ति आसानी से किसी मृत महिला की पहचान अपनाकर सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव की कोशिश कर सकता है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
गांव और आसपास के इलाकों में यह घटना चर्चा का केंद्र बनी हुई है। लोग इसे चमत्कार, धोखाधड़ी या कानूनी चाल — अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना की खूब चर्चा हो रही है।