उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में शुक्रवार शाम एक ऐसा हादसा सामने आया, जिसने इंसानियत और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सदर कोतवाली क्षेत्र के लालपुल इलाके में एक व्यक्ति का शव कार के नीचे फंसा हुआ करीब 12 किलोमीटर तक सड़क पर घसीटता रहा। इस दौरान सड़क के कई हिस्से खून से लाल हो गए, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से किसी को समय रहते इस भयावह स्थिति का अंदाजा नहीं हो सका।
कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र की कृषि विभाग कॉलोनी निवासी परविंदर प्रताप सिंह शुक्रवार शाम कादरचौक थाना क्षेत्र के असरसी गांव से अपनी खाद-बीज की दुकान बंद कर कार से घर लौट रहे थे। रास्ते में किसी अज्ञात स्थान पर एक व्यक्ति उनकी कार के नीचे फंस गया। चालक को इसकी भनक तक नहीं लगी और कार आगे बढ़ती रही।
पीछे चल रहे वाहन सवार ने दी सूचना
करीब 12 किलोमीटर तक शव कार के नीचे घसीटता रहा। इस दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य वाहन सवार ने देखा कि कार के नीचे कुछ असामान्य रूप से घिसट रहा है। उन्होंने तुरंत चालक को इशारा कर गाड़ी रुकवाई। जब चालक नीचे उतरा, तो उसके होश उड़ गए—कार के नीचे एक व्यक्ति का शव फंसा हुआ था।
खून से सनी सड़क, लोगों में दहशत
घटना के बाद लालपुल इलाके में देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। सड़क पर खून के निशान दूर-दूर तक दिखाई दे रहे थे, जिसने हर किसी को दहशत में डाल दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कार के नीचे से बाहर निकलवाया और तलाशी ली। मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान घलेंद्र पुत्र चुन्नीलाल, निवासी रायपुर बुजुर्ग, थाना बिल्सी, बदायूं के रूप में हुई।
राजमिस्त्री था मृतक
परिजनों को सूचना दिए जाने पर उन्होंने बताया कि घलेंद्र पेशे से राजमिस्त्री थे और हाल ही में किसी रिश्तेदारी में गए थे। लेकिन वह वहां से कैसे लौट रहे थे और किस हालात में यह हादसा हुआ, इसकी जानकारी फिलहाल किसी को नहीं है।
बड़ा सवाल—कार में कैसे फंसा शव?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शव कार के नीचे कहां और कैसे फंसा। चालक परविंदर प्रताप सिंह का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उन्हें रास्ते में किसी भी टक्कर या हादसे का अहसास नहीं हुआ।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शव किस स्थान पर और किन परिस्थितियों में कार के नीचे फंसा। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि यह दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और कारण है।
कार जब्त, चालक से पूछताछ
पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही चालक से लगातार पूछताछ की जा रही है। फिलहाल शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है और परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
हादसा या लापरवाही?
यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, जागरूकता और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बन गई है। 12 किलोमीटर तक शव का घसीटते रहना यह दर्शाता है कि सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों और आसपास के लोगों की सतर्कता कितनी जरूरी है।
जवाबों की तलाश
फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। क्या घलेंद्र पहले किसी हादसे का शिकार हुए थे? क्या वह पहले से सड़क पर पड़े थे? या किसी अन्य वाहन से टकराने के बाद यह स्थिति बनी—इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।