दिल्ली-एनसीआर में सालों तक डर, दहशत और अवैध वसूली का साम्राज्य खड़ा करने वाले स्क्रैप माफिया रवि काना पर आखिरकार कानून का सबसे बड़ा प्रहार हुआ है। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए रवि काना की 92 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति कुर्क कर ली है। इस कार्रवाई ने न सिर्फ माफिया नेटवर्क की कमर तोड़ दी है, बल्कि यह भी साफ संदेश दे दिया है कि अपराध से कमाई गई एक-एक पाई कानून की गिरफ्त में आएगी।
स्क्रैप माफिया रवि काना: नाम बदलता रहा, अपराध नहीं
स्क्रैप माफिया रवि नागर उर्फ रविन्द्र सिंह उर्फ रवि काना दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध का बड़ा नाम बन चुका था। वह खुद को स्क्रैप कारोबारी बताता था, लेकिन असल में उसका पूरा नेटवर्क डराने-धमकाने, चोरी, लूट और जबरन वसूली पर टिका हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि रवि काना न सिर्फ खुद अपराध करता था, बल्कि उसने एक पूरा 18 सदस्यीय संगठित गिरोह खड़ा कर रखा था, जो औद्योगिक क्षेत्रों और स्क्रैप कारोबारियों से अवैध वसूली करता था।
गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में रवि काना और उससे जुड़ी कंपनियों, फर्मों और बैंक खातों की 92 करोड़ 65 लाख 77 हजार 551 रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की गई है। यह संपत्ति अलग-अलग तारीखों में चिन्हित की गई थी और जांच के बाद इसे अवैध रूप से अर्जित पाया गया।
चोरी, लूट और जबरन वसूली से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
पुलिस के अनुसार, रवि काना अपने गैंग के साथ मिलकर सरिया और स्क्रैप कारोबारियों को निशाना बनाता था। जो कारोबारी उसकी शर्तें मानने से इनकार करते थे, उन्हें डराया-धमकाया जाता था, उनके सामान की चोरी कर ली जाती थी या फिर खुलेआम लूट और जबरन वसूली की जाती थी। इस अवैध धंधे से रवि काना ने करोड़ों रुपये की संपत्ति खड़ी कर ली, जिसे अब पुलिस ने कुर्क कर लिया है।
दिल्ली-NCR में फैला था गैंग का नेटवर्क
रवि काना का आपराधिक नेटवर्क सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं था। उसकी गतिविधियां—
- नोएडा
- ग्रेटर नोएडा
- गाजियाबाद
- बुलंदशहर
- और पूरे दिल्ली-एनसीआर
तक फैली हुई थीं। इन इलाकों में उसके गैंग का ऐसा खौफ था कि कारोबारी खुलकर शिकायत तक नहीं कर पाते थे। औद्योगिक इकाइयों और आम जनता में लंबे समय तक भय का माहौल बना रहा।
मुकदमों की लंबी लिस्ट: अपराध का पूरा इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार—
रवि काना के खिलाफ कुल 29 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं उसके गैंग के सदस्यों के खिलाफ 131 मुकदमे दर्ज हैं इनमें गैंगस्टर एक्ट, लूट, चोरी, रंगदारी, धमकी और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं। यह आंकड़े खुद इस बात की गवाही देते हैं कि रवि काना कोई छोटा अपराधी नहीं, बल्कि संगठित अपराध का बड़ा चेहरा था।
देश छोड़कर भागा, एयरपोर्ट से पकड़ा गया
पुलिस के मुताबिक, रवि काना ने अग्रिम जमानत की शर्तों का खुला उल्लंघन किया। उसे अपना पासपोर्ट जमा करना था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया और 1 जनवरी 2024 को देश छोड़कर विदेश फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया। आखिरकार 24 अप्रैल 2024 को उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया और जेल भेज दिया गया।
जेल में बंद, लेकिन जांच जारी
फिलहाल रवि काना जेल में बंद है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई है। उसकी अवैध कमाई, बेनामी संपत्तियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस का सख्त संदेश: अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने साफ कहा है कि संगठित अपराध और माफियाओं के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई न सिर्फ रवि काना जैसे माफियाओं के लिए चेतावनी है, बल्कि पूरे अपराध जगत के लिए भी एक कड़ा संदेश है। 2 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क होना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि अपराध से अर्जित धन आखिरकार कानून के सामने टिक नहीं पाता। रवि काना पर हुई यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर में माफिया राज के खिलाफ पुलिस की अब तक की सबसे मजबूत चोट मानी जा रही है।