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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक बार फिर इंटरनेशनल ड्रग तस्करी का गवाह बनी, जब चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री के बैग से करीब 2.05 करोड़ रुपये कीमत का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया। अत्याधुनिक तकनीक से उगाए गए इस हाई-क्वालिटी नशे की खेप ने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और अब इस इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंकॉक से लखनऊ पहुंची एक फ्लाइट से आए भारतीय यात्री के बैग से 5.88 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा (मारिजुआना) बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2.05 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस बड़ी सफलता के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

खुफिया इनपुट बना कार्रवाई की वजह

एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) को बैंकॉक से आने वाली एक फ्लाइट को लेकर पहले से ही ठोस खुफिया सूचना मिली थी। इनपुट के अनुसार, फ्लाइट संख्या FD-146 से एक यात्री संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकता है। इसी आधार पर जैसे ही फ्लाइट लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंड हुई, कस्टम और एयर इंटेलिजेंस अधिकारियों ने संदिग्ध यात्री को चिन्हित कर रोक लिया।

बैग की तलाशी में हुआ बड़ा खुलासा

जब यात्री के ट्रॉली बैग की गहन तलाशी ली गई तो उसमें रखे 8 कुकी टिन बॉक्स अधिकारियों को संदिग्ध लगे। सामान्य तौर पर खाने की वस्तु समझे जाने वाले इन टिन बॉक्स के अंदर छिपा सच बेहद चौंकाने वाला था। टिन खोलते ही हर बॉक्स में पॉलीथीन पाउच में भरा हरे रंग का ऑर्गेनिक पदार्थ मिला।

फील्ड टेस्ट में निकला हाइड्रोपोनिक गांजा

मौके पर ही फील्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट से जांच की गई, जिसमें बरामद पदार्थ हाइड्रोपोनिक गांजा (Marijuana) पाया गया। जब्त किए गए नशीले पदार्थ का कुल वजन 5.88 किलोग्राम निकला। इसके बाद आरोपी यात्री को तत्काल हिरासत में ले लिया गया।

क्यों है हाइड्रोपोनिक गांजा इतना महंगा?

एयर इंटेलिजेंस अधिकारियों के मुताबिक यह गांजा सामान्य खेतों में उगाया गया नहीं है, बल्कि इसे हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार किया गया है। यह एक अत्याधुनिक खेती प्रणाली है, जिसमें मिट्टी की बजाय पोषक तत्वों से भरपूर पानी का उपयोग होता है। इस तकनीक से उगाया गया गांजा बेहद शुद्ध, ज्यादा नशे वाला और महंगा होता है। यही कारण है कि इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जाती है। यह नशा खासतौर पर हाई-प्रोफाइल ग्राहकों, क्लब्स और विदेशी बाजारों में सप्लाई किया जाता है।

आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया

पूछताछ के बाद आरोपी यात्री को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी के पास से गांजे के साथ-साथ पैकेजिंग सामग्री भी बरामद की गई है, जिससे यह साफ होता है कि यह खेप आगे सप्लाई के लिए लाई गई थी।

इंटरनेशनल ड्रग रैकेट की जांच तेज

इस मामले के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। अब यह जानने की कोशिश की जा रही है कि—

  • यह नशीला पदार्थ किस नेटवर्क के जरिए भारत लाया गया?
  • बैंकॉक में इसका सोर्स कौन था?
  • भारत में इसकी डिलीवरी कहां और किसे दी जानी थी?
  • क्या इसके पीछे कोई बड़ा इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है?

इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए अन्य केंद्रीय एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।

एयरपोर्ट सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

लगातार सामने आ रहे ड्रग तस्करी के मामलों ने एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस मामले में एयर इंटेलिजेंस यूनिट की सतर्कता ने एक बड़ी खेप को देश में फैलने से पहले ही रोक लिया।

युवाओं के लिए बड़ा खतरा

कि इस तरह के हाई-क्वालिटी नशे का सबसे बड़ा निशाना युवा वर्ग होता है। क्लब कल्चर और सोशल मीडिया के जरिए इसे ग्लैमराइज किया जाता है, जिससे युवा तेजी से इसकी चपेट में आते हैं। फिलहाल, लखनऊ एयरपोर्ट पर हुई यह कार्रवाई न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता मानी जा रही है, बल्कि यह इंटरनेशनल ड्रग तस्करों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि भारत में उनकी साजिशें अब ज्यादा दिन नहीं चलने वालीं।

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