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उत्तर प्रदेश के एटा जिले में रविवार दोपहर एक ऐसा जघन्य हत्याकांड सामने आया, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। कोतवाली नगर क्षेत्र के शिकोहाबाद रोड स्थित गांव नगला प्रेमी में एक ही परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में वृद्ध दंपती, उनकी बहू और 22 वर्षीय पौत्री शामिल हैं। इस हत्याकांड की क्रूरता और घटना स्थल की भयावहता हर किसी को झकझोर देने वाली है। घटना के बाद जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो घर के भीतर का मंजर किसी खौफनाक फिल्म के दृश्य से कम नहीं था। खून से सने कमरे, कुचले हुए चेहरे और चुप्पी में डूबा घर इस बात की गवाही दे रहा था कि हत्यारे ने बेहद निर्ममता के साथ वारदात को अंजाम दिया।

घर के भीतर का खौफनाक दृश्य

मकान के मुख्य गेट को खोलने के बाद दलान और आंगन पार कर जब पुलिस नीचे बने कमरे में पहुंची, तो वहां गंगा सिंह शाक्य (70) का शव चारपाई पर खून से लथपथ पड़ा मिला। उनके शरीर पर रजाई आधी ओढ़ी हुई थी, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वे आराम कर रहे थे या सो रहे थे। लेकिन सिर पर ईंट से किए गए घातक वार ने उनकी मौके पर ही जान ले ली थी। खून चारपाई से नीचे फर्श तक बह चुका था। इसके बाद सीढ़ियों से ऊपर पहली मंजिल पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के सामने और भी भयावह दृश्य था। कमरे में रत्ना देवी (48) और उनकी बेटी ज्योति (22) के शव पड़े थे। दोनों के सिर और चेहरे इतनी बेरहमी से कुचले गए थे कि पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा था। पूरे कमरे में खून फैला हुआ था और एक ओर खून से सनी सीमेंट की ईंट पड़ी थी, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसी से वारदात को अंजाम दिया गया।

अस्पताल में तोड़ा दम

परिवार की बुजुर्ग महिला श्यामा देवी (65) को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस हत्याकांड में चार लोगों की मौत हो गई।

स्कूल से लौटे नाती ने देखा सच

इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा तब हुआ, जब गंगा सिंह का 12 वर्षीय नाती देवांश स्कूल से घर लौटा। जैसे ही वह घर के भीतर गया, उसने अपने दादा को नीचे और ऊपर मां, बहन और दादी को खून से लथपथ देखा। यह दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई। वह दौड़ता हुआ बाहर आया और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर में गांव में सनसनी फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना गंगा सिंह की नातिन लक्ष्मी को दी गई, जो अपने पिता कमल सिंह के मेडिकल स्टोर पर बैठी थीं। कमल सिंह उस समय खाना खाने के लिए घर आए थे और फिर किसी काम से मंडी की ओर चले गए थे।

लूट नहीं, हत्या ही था मकसद

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर के किसी भी सामान से छेड़छाड़ नहीं की गई। न तो अलमारी टूटी थी और न ही कीमती सामान गायब था। इससे यह स्पष्ट होता है कि हत्यारा लूट या चोरी के इरादे से नहीं आया था, बल्कि उसका मकसद सिर्फ और सिर्फ हत्या करना था। यही कारण है कि पुलिस को इस बात की आशंका है कि इस वारदात में किसी करीबी व्यक्ति का हाथ हो सकता है, जिसे घर की पूरी जानकारी थी और जिसने सही समय का इंतजार कर वारदात को अंजाम दिया।

भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक जांच

घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय, एडीजी आगरा अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी अलीगढ़ प्रभाकर चौधरी और एसएसपी श्याम नारायण सिंह मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने भी घटनास्थल की बारीकी से जांच की और कई अहम साक्ष्य जुटाए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।

पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

जांच पूरी होने के बाद शवों को निजी एंबुलेंस के माध्यम से पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। भीड़ अधिक होने के कारण छोटी एंबुलेंस मंगवाई गईं। एक एंबुलेंस में गंगा सिंह का शव और दूसरी में मां-बेटी के शव भेजे गए।

पुलिस का बयान

एडीजी आगरा अनुपम कुलश्रेष्ठ ने कहा,
“चार लोगों की हत्या के मामले में गहन जांच की जा रही है। फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्य मिले हैं। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी।”

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