उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से ऑनर किलिंग का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह करने की कीमत एक सैनिक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। दिनदहाड़े नेशनल हाईवे पर भारतीय सेना के जवान अखिलेश चौधरी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा महज 24 घंटे में करते हुए मृतक की पत्नी की बुआ के दो बेटों को गिरफ्तार किया है। यह वारदात न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज की सोच पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में घटित यह घटना ऑनर किलिंग की भयावहता को एक बार फिर उजागर करती है। भारतीय सेना में तैनात सैनिक अखिलेश चौधरी की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उन्होंने अपनी पसंद से शादी की थी। समाज में ‘इज्जत’ और ‘बदनामी’ जैसे खोखले तर्कों के नाम पर रिश्तों को कलंकित कर देने वाली यह वारदात पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
कौन थे अखिलेश चौधरी?
मृतक सैनिक अखिलेश चौधरी, पुत्र देवेंद्र सिंह, हाथरस जिले के गांव समदपुर के निवासी थे। वह भारतीय सेना में कार्यरत थे और अनुशासित जीवन जी रहे थे। कुछ समय पहले उन्होंने अपने ही गांव की एक युवती से प्रेम विवाह किया था। यह शादी लड़की के मायके वालों को कतई मंजूर नहीं थी, खासकर उसकी बुआ के बेटों को।
प्रेम विवाह बना दुश्मनी की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रेम विवाह के बाद लड़की के रिश्तेदारों को समाज में बदनामी का डर सताने लगा। आरोपियों का मानना था कि इस शादी से उनकी सामाजिक छवि धूमिल हो रही है। इसी ‘झूठी शान’ और ‘इज्जत’ के नाम पर उन्होंने एक फौजी की हत्या की साजिश रच डाली।
दिनदहाड़े हाईवे पर गोलियों की तड़तड़ाहट
5 फरवरी को दोपहर करीब 3 बजे अखिलेश चौधरी आगरा से हाथरस न्यायालय में एक मुकदमे की तारीख पर आए थे। पेशी के बाद वह अपनी कार से लौट रहे थे। जैसे ही वह सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के आगरा-अलीगढ़ नेशनल हाईवे पर चंद्रा हाउस के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उनकी कार को इको कार और बाइक से घेर लिया। अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका गूंज उठा। हमलावरों ने अखिलेश की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
जान बचाने की कोशिश, लेकिन बेरहमी से हत्या
फायरिंग के दौरान सैनिक अखिलेश कार से उतरकर जान बचाने के लिए भागे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर गोलियों से छलनी कर दिया। सड़क पर गिरते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
पुलिस का एक्शन: 24 घंटे में खुलासा
घटना के बाद हाथरस पुलिस हरकत में आई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस हत्याकांड के खुलासे के लिए 5 विशेष टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल से लेकर आसपास के इलाकों में लगे करीब 290 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। लगातार मेहनत और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि: “अखिलेश चौधरी ने हमारी बुआ की लड़की से प्रेम विवाह किया था। इससे समाज में हमारी बेइज्जती हो रही थी। इसी कलंक को मिटाने के लिए हमने उसकी हत्या की योजना बनाई।” आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि अखिलेश कोर्ट में तारीख पर आने वाले हैं। उन्होंने रेकी कर पूरी प्लानिंग के साथ हत्या को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- बॉबी उर्फ विशाल, पुत्र रमेश चंद्र
- राजा उर्फ राहुल, निवासी गांव समदपुर
- दोनों को कुरसंडा मोड़ स्थित गोपाल ढाबे से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बरामद किया:
- 2 तमंचे
- 2 जिंदा कारतूस
- घटना में प्रयुक्त इको कार
समाज पर सवाल, कानून पर भरोसा
एक सैनिक, जो देश की रक्षा के लिए तैनात था, उसे अपने ही समाज की संकीर्ण सोच की बलि चढ़ना पड़ा। यह घटना बताती है कि आज भी ऑनर किलिंग जैसी मानसिकता समाज में जिंदा है। पुलिस का त्वरित खुलासा काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन सवाल यह है कि कब तक ‘इज्जत’ के नाम पर बेगुनाहों की जान जाती रहेगी?
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।