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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे एक कथित प्रेम-जाल और जबरन धर्मांतरण के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार, जिम ट्रेनरों और संचालकों का एक संगठित गिरोह वर्कआउट के बहाने हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसाता, फिर ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाता था। मामले के मुख्य आरोपी फरीद को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है, जबकि अब तक पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है और पांच जिमों को सीज किया गया है।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से सामने आया यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि जिम और फिटनेस ट्रेनिंग की आड़ में एक कथित गिरोह लंबे समय से युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने, ब्लैकमेल करने और कथित तौर पर जबरन धर्मांतरण कराने की गतिविधियों में शामिल था।

जिम बना संपर्क का माध्यम

पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को प्रोफेशनल जिम ट्रेनर और फिटनेस एक्सपर्ट के रूप में पेश करते थे। जिम में आने वाली युवतियों से दोस्ती, बातचीत और भरोसा जीतने के बाद उन्हें प्रेम संबंध में फंसाया जाता था। धीरे-धीरे निजी पलों के फोटो और वीडियो बनाए जाते, जिनका इस्तेमाल बाद में ब्लैकमेलिंग के लिए किया जाता था।

पीड़िताओं की शिकायत से खुला मामला

देहात कोतवाली थाना क्षेत्र की दो युवतियों ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि जिम ट्रेनर शेख अली आलम और उसके सहयोगियों ने पहले उनसे नजदीकियां बढ़ाईं, फिर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर पैसे की मांग की। पीड़िताओं के अनुसार, वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उन पर मानसिक दबाव बनाया गया।

धर्म परिवर्तन का दबाव और डर का माहौल

पीड़िताओं का आरोप है कि उनसे जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया गया। उन्हें बुर्का पहनने, दिन में पांच वक्त नमाज पढ़ने और धार्मिक स्थलों पर ले जाने की बात कही गई। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

लोन और आर्थिक शोषण के आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने पीड़ित लड़कियों के नाम पर लोन तक ले लिया। जब युवतियों ने इसका विरोध किया तो ब्लैकमेलिंग और तेज कर दी गई। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि आर्थिक धोखाधड़ी कितने बड़े स्तर पर की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर और सादाब समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही KGN जिम, बी-फिट जिम सहित कुल पांच जिमों को सीज कर दिया गया है।

मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी

पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सूत्रधार और आयरन फायर जिम का मालिक फरीद पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। बरकछा क्षेत्र के जंगल में पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसने कथित तौर पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में वह घायल हो गया। फरीद के पास से तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं।

अधिकारियों का बयान

अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी हर एंगल से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी संभव है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार अवैध धर्मांतरण और युवतियों के शोषण के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को सराहनीय बताया।

आगे की जांच और सुरक्षा

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। पूरे नेटवर्क, फंडिंग और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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