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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक ही परिवार के पांच सदस्य अपने ही घर में मृत पाए गए। पति-पत्नी, उनकी बुजुर्ग मां और दो नाबालिग बेटों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। कमरे से गोलियों के निशान और तीन पिस्टल बरामद होने के बाद मामला और भी रहस्यमय हो गया है। पुलिस और फोरेंसिक टीमें हर पहलू से जांच में जुटी हैं।

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शुक्रवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। यहां एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव एक कमरे में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों में पति-पत्नी, उनकी बुजुर्ग मां और दो नाबालिग बेटे शामिल हैं। घटना के बाद से पूरे मोहल्ले में मातम और दहशत का माहौल है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना नकुड़ क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस को सूचना मिली कि एक घर का दरवाजा अंदर से बंद है और परिवार के सभी सदस्य लंबे समय से नजर नहीं आए हैं। जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया, तो अंदर का दृश्य बेहद भयावह और स्तब्ध कर देने वाला था।

कमरे में मिले पांच शव

घर के एक कमरे में पांचों शव पाए गए। पुलिस के अनुसार, अशोक (40) और उनकी पत्नी अंजिता (37) के शव फर्श पर पड़े थे, जबकि अशोक की मां विद्यावती (70) और दोनों बेटे कार्तिक (16)देव (13) बिस्तर पर मृत अवस्था में मिले। सभी के चेहरे पर खामोशी थी, लेकिन शरीर पर मिले जख्म इस बात की ओर इशारा कर रहे थे कि मौत सामान्य नहीं थी।

गोली के निशान और बरामद हथियार

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अशोक की छाती पर गोली लगने का निशान है, जबकि दोनों नाबालिग बेटों के माथे पर भी गोली के घाव पाए गए हैं। घटनास्थल से तीन देसी (कंट्री मेड) लोडेड पिस्टल बरामद की गई हैं। इन हथियारों की मौजूदगी ने मामले को और ज्यादा गंभीर और रहस्यमय बना दिया है। एसएसपी आशीष तिवारी के मुताबिक, अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि सभी संभावित एंगल—पारिवारिक तनाव, आर्थिक दबाव, आत्महत्या या किसी साजिश—को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

कौन थे मृतक

मृतक अशोक सहारनपुर जिले में राजस्व विभाग में अमीन के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि उन्हें यह नौकरी अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर मिली थी। परिवार सामान्य और शांत स्वभाव का माना जाता था। पड़ोसियों के अनुसार, अशोक अपने काम से काम रखने वाले व्यक्ति थे और परिवार में किसी बड़े विवाद की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी। अशोक का छोटा बेटा देव शहर के एमटीएस पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था, जबकि बड़ा बेटा कार्तिक नकुड़ के एक इंटरमीडिएट कॉलेज में कक्षा 10 में पढ़ाई कर रहा था। दोनों बच्चे पढ़ाई में सामान्य थे और स्कूल में उनकी कोई नकारात्मक छवि नहीं थी।

कैसे खुला मामला

परिजनों और पड़ोसियों के अनुसार, जब लंबे समय तक घर से कोई हलचल नहीं हुई, तो आसपास के लोगों को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और दरवाजा खुलवाया गया। इसके बाद जो सामने आया, उसने सभी को सन्न कर दिया।

फोरेंसिक और पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। कमरे से खून के नमूने, हथियार और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला सामूहिक हत्या है, आत्महत्या या इसके पीछे कोई और वजह है।

इलाके में शोक और दहशत

इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे कि एक साथ पांच लोगों की मौत कैसे हो सकती है। खासकर दो मासूम बच्चों की मौत ने हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है।

पुलिस का बयान

एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा,
मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। घटनास्थल से हथियार बरामद हुए हैं। जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।

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