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अयोध्या। रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर परिसर से ऐसा बयान दिया, जिसने न केवल धार्मिक बल्कि राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को भी तेज कर दिया। प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सनातन धर्म से ऊपर कोई नहीं है। कुछ लोगों ने अयोध्या से षड्यंत्र किया, लेकिन वे अपने मंसूबों में कभी सफल नहीं हो सके।”

सीएम योगी का यह बयान सीधे तौर पर उन शक्तियों की ओर इशारा करता है, जिन्होंने वर्षों तक अयोध्या और राम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर विवाद, हिंसा और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया। राम मंदिर परिसर में उमड़े श्रद्धालुओं के बीच दिए गए इस संबोधन को सनातन धर्म की वैचारिक विजय के रूप में देखा जा रहा है।

राम मंदिर से दुनिया को संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि “जो लोग अयोध्या को लहूलुहान करना चाहते थे, जिन्होंने यहां आतंकी हमले करवाए, वे यह भूल गए कि यह प्रभु श्रीराम और बजरंगबली की भूमि है।”

सीएम योगी ने भावुक अंदाज में कहा— जहां महावीर हनुमान स्वयं विराजमान हों, वहां भूत-पिशाच भी नहीं आ सकते। फिर कोई आतंकी यहां कैसे घुस सकता है? इस बयान पर मौजूद श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारों से पूरा परिसर गुंजायमान कर दिया।

तीन ऐतिहासिक तारीखों का उल्लेख

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों के दौरान घटित तीन ऐतिहासिक घटनाओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन तारीखों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

पहली तारीख – 5 अगस्त 2020
सीएम योगी ने कहा कि यह वह दिन था जब 500 वर्षों का इंतजार समाप्त हुआ। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अयोध्या पहुंचे और राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का शिलान्यास किया। योगी ने इसे 500 वर्षों के कलंक के अंत की संज्ञा दी।

दूसरी तारीख – 22 जनवरी 2024
यह वह ऐतिहासिक दिन था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संपन्न कराया। सीएम योगी ने कहा कि यह क्षण हर सनातनी के जीवन का सबसे गौरवशाली दिन था।

तीसरी तारीख – 25 नवंबर (विवाह पंचमी)
मुख्यमंत्री ने बताया कि विवाह पंचमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के मुख्य शिखर पर सनातन धर्म की ध्वजा स्थापित की। यह केवल ध्वज नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि “सनातन से ऊपर कोई नहीं है और यह पताका युगों-युगों तक लहराती रहेगी।

पिछली सरकारों पर सीधा हमला

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी का नाम लिए पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब अयोध्या को जानबूझकर असुरक्षित बनाया गया।
उनके शासन में आतंकी हमले हुए, अयोध्या को लहूलुहान करने की साजिश रची गई, लेकिन प्रभु श्रीराम की कृपा से हर षड्यंत्र विफल हुआ।

योगी ने कहा कि आज अयोध्या न केवल सुरक्षित है, बल्कि दुनिया भर के सनातन अनुयायियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुकी है।

पूरी दुनिया को दिया गया संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है—धर्म, आस्था और संस्कृति को दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन को समाप्त करने का सपना देख रहे थे, उन्हें इतिहास ने जवाब दे दिया है।

सनातन की वैचारिक विजय

योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सनातन मूल्यों पर चर्चा अपने चरम पर है। राम मंदिर के निर्माण को उन्होंने सनातन की वैचारिक विजय बताया। अयोध्या से दिया गया यह संबोधन केवल भाषण नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश था—सनातन अडिग है, अजेय है और अमर है।

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