महाशिवरात्रि से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में उस समय तनाव फैल गया, जब सड़क किनारे गाय का कटा हुआ सिर और अन्य अवशेष बरामद हुए। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। संगठनों ने इसे माहौल बिगाड़ने की साजिश बताते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महाशिवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक पर्व से ठीक पहले सड़क किनारे गाय का कटा हुआ सिर और अन्य अवशेष मिलने से इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। यह घटना अमरोहा के थाना नौगांवा सादात क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां धनौरा–अमरोहा मार्ग पर एक निजी लॉ कॉलेज के पास सड़क किनारे गोवंश के अवशेष फेंके गए थे। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने जब सड़क किनारे गाय का सिर और कुछ अन्य अवशेष देखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। देखते ही देखते यह खबर आसपास के क्षेत्रों में फैल गई और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
सड़क किनारे मिले गाय के अवशेष, शरीर का हिस्सा गायब
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे केवल गाय का सिर और कुछ अवशेष पड़े हुए थे, जबकि शरीर के बाकी हिस्से काटकर कहीं और ले जाए गए थे। इस दृश्य को देखकर लोगों में आक्रोश फैल गया। आशंका जताई जा रही है कि गोकशी के बाद जानबूझकर अवशेष सड़क पर फेंके गए ताकि धार्मिक भावनाएं भड़काई जा सकें। घटना स्थल धनौरा रोड स्थित हाशमी लॉ कॉलेज के बिल्कुल पास बताया जा रहा है, जो मूंढा पुलिस चौकी क्षेत्र में आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका पहले भी इस तरह की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है।
महाशिवरात्रि और कांवड़ यात्रा से पहले बढ़ा तनाव
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकले हुए हैं। हिंदू संगठनों का कहना है कि इसी वजह से यह घटना और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि धार्मिक त्योहारों से पहले इस तरह की घटनाएं किसी साजिश की ओर इशारा करती हैं, ताकि सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाया जा सके।
हिंदू संगठनों का आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। उन्होंने मांग की कि अवशेष किस गाय के हैं, इसकी जांच कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। एक पदाधिकारी ने कहा, “शिवरात्रि आ रही है, लोग कांवड़ लेने गए हैं। ऐसे समय में सड़क पर गोवंश के अवशेष मिलना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे।”
पुलिस पर उठे सवाल, सुरक्षा बढ़ाई गई
हिंदू संगठनों ने मूंढा पुलिस चौकी पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इस इलाके में आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठाती। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। अवशेषों को हटाकर पोस्टमार्टम और जांच के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में जुटी, शांति बनाए रखने की अपील
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की नजर, माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्ती के संकेत
प्रशासन भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमरोहा में फिलहाल हालात तनावपूर्ण जरूर हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन के प्रयासों से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह घटना किस साजिश का हिस्सा थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।