भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील की रूपरेखा पर आखिरकार सहमति बन गई है। दोनों देशों ने इसे लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें इस समझौते को द्विपक्षीय साझेदारी के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया गया है। इस डील के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जबकि भारत अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क कम या समाप्त करेगा।
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील बातचीत अब ठोस नतीजे तक पहुंच गई है। शनिवार को जारी संयुक्त बयान में भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) की रूपरेखा तय होने की घोषणा की, जिसे दोनों देशों की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के लिए ऐतिहासिक बताया गया है। संयुक्त बयान के अनुसार, यह समझौता पारस्परिक और संतुलित व्यापार की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो आपसी हितों और ठोस परिणामों पर आधारित होगा। इस डील के तहत अमेरिका भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जबकि भारत अमेरिका के कई औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त या कम करेगा।
क्यों खास है भारत-अमेरिका ट्रेड डील?
भारत और अमेरिका दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। ऐसे में दोनों के बीच व्यापार समझौता न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूती देता है, बल्कि वैश्विक व्यापार संतुलन को भी प्रभावित करता है। इस डील को ऐसे समय में अंतिम रूप दिया जा रहा है, जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव और संरक्षणवाद की प्रवृत्ति बढ़ रही है। संयुक्त बयान में साफ कहा गया है कि यह अंतरिम समझौता भविष्य में पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते का आधार बनेगा, जिसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
समझौते की प्रमुख शर्तें क्या हैं?
समझौते के तहत भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ समाप्त करेगा या कम करेगा। इनमें शामिल हैं—
- सूखे अनाज
- पशु आहार के लिए लाल ज्वार
- मेवे
- ताजे और प्रसंस्कृत फल
- सोयाबीन तेल
- शराब और स्पिरिट
- अन्य चयनित कृषि उत्पाद
वहीं अमेरिका भारत में उत्पादित कई वस्तुओं पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू करेगा। इनमें प्रमुख रूप से—
- कपड़े और परिधान
- चमड़ा और जूते
- प्लास्टिक और रबर उत्पाद
- जैविक रसायन
- घरेलू सजावट का सामान
- हस्तशिल्प उत्पाद
- चुनिंदा मशीनरी शामिल हैं।
समझौता तुरंत होगा लागू
संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका इस रूपरेखा को तुरंत लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम करेंगे। उद्देश्य यह है कि जल्द से जल्द एक पूर्ण और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौता अस्तित्व में आए।
भारतीय अनाज और कृषि उत्पादों को पूरा संरक्षण
इस ट्रेड डील का सबसे अहम पहलू यह है कि भारतीय कृषि हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। कई प्रमुख भारतीय अनाजों को पूरा संरक्षण दिया गया है, जिनमें— रागी, गेहूं, कोपरा, स्यामक, अमरंथ, कोदो, मक्का, बाजरा, चावल, कांगनी, जौ, ओट्स, ज्वार, मैदा, छिल्का रहित अनाज और विभिन्न प्रकार के आटे शामिल हैं।
इसके अलावा भारतीय कृषि उत्पाद जैसे— प्याज, भिंडी, आलू, कद्दू, मटर, लहसुन, फलियां, खीरा, मशरूम, शिमला मिर्च, तोरी, काबुली चना, कुंदरू और शकरकंद को भी संरक्षण दिया गया है।
फल, दुग्ध उत्पाद और मसालों को बड़ी राहत
इस डील में भारतीय फलों को भी सुरक्षा मिली है। केला, आम, स्ट्रॉबेरी, सूखा सेब, इमली, सूखे फल और साइट्रस फल जैसे संतरा, नींबू, अंगूर और मैंडरिन को संरक्षण दिया गया है। दुग्ध उत्पादों में दूध (तरल, पाउडर, कंडेंस्ड), क्रीम, दही, मक्खन, घी, चीज, पनीर, व्हे प्रोडक्ट्स को भी राहत मिली है। भारतीय मसालों—काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, सरसों और राई—को पूरा संरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही ब्लैक टी, ग्रीन टी और टी बैग्स को भी राहत मिली है।
30 हजार अरब डॉलर का बाजार खुलेगा: पीयूष गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस डील को भारत के लिए गेम चेंजर बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, खासकर एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए करीब 30 हजार अरब डॉलर का बाजार खुलेगा। गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ इस अंतरिम समझौते की रूपरेखा तैयार की है, जिससे लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।उन्होंने कहा कि इस डील से वस्त्र, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, जैविक रसायन, हस्तशिल्प और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा जेनेरिक दवाइयों, रत्न एवं आभूषण और विमान के कल-पुर्जों पर टैरिफ शून्य होने से ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी| भारत-अमेरिका ट्रेड डील की यह रूपरेखा न केवल व्यापारिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी भारत के लिए अहम है। यह समझौता भारतीय किसानों, एमएसएमई, महिलाओं और युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलता है। आने वाले समय में यह डील भारत को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में खड़ा कर सकती है।