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बरेली में सड़क निर्माण की शुरुआत के साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मंगलवार सुबह जैसे ही सिटी स्टेशन से दुल्हे मियाँ की मजार तक रामपुर रोड पर रूट डायवर्जन लागू किया गया, वैसे ही शहर की प्रमुख सड़कों पर जाम का भयानक नज़ारा देखने को मिला। चौकी चौराहा, चौपला, मिनी बाईपास, इज्जतनगर तिराहा और डेलापीर जैसे इलाकों में हालात इतने बिगड़ गए कि मानो पूरे शहर में चक्का जाम लग गया हो। आम नागरिकों की दिनचर्या ठप हो गई और लोग घंटों तक सड़कों पर फंसे नजर आए।

बरेली। सिटी स्टेशन से दुल्हे मियाँ की मजार तक रामपुर रोड पर सड़क निर्माण का काम शुरू होते ही बरेली शहर की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया। मंगलवार सुबह जैसे ही ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन लागू किया, शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव इस कदर बढ़ गया कि चारों ओर जाम ही जाम नजर आने लगा। सुबह का वक्त होने के कारण दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जाने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

चौकी चौराहा बना जाम का केंद्र

शहर का सबसे व्यस्त चौकी चौराहा जाम का हॉटस्पॉट बन गया। यहां ट्रैफिक पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग ने वाहनों की आवाजाही लगभग ठप कर दी। मिनी बाईपास, चौपला पुल और सिटी स्टेशन की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई बार हालात ऐसे बने कि 15 से 20 मिनट तक एक भी वाहन आगे नहीं बढ़ पाया।

पैदल चलने को मजबूर हुए लोग

भीषण जाम के चलते कई राहगीरों को मजबूरी में अपने वाहन छोड़कर पैदल ही गंतव्य की ओर जाना पड़ा। दोपहिया वाहन चालक गलियों और संकरे रास्तों से निकलने की कोशिश करते रहे, जिससे वहां भी जाम जैसी स्थिति बन गई। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।

भारी वाहनों की एंट्री बंद, बढ़ा वैकल्पिक मार्गों पर दबाव

सिटी स्टेशन–दुल्हे मियाँ मजार मार्ग पर भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। इसके चलते ट्रैफिक का पूरा दबाव बड़े बाईपास, झुमका तिराहा, इज्जतनगर और डेलापीर रूट पर आ गया। इन इलाकों में अचानक वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की समस्या और गंभीर हो गई।

रोडवेज बसें भी फंसीं जाम में

डायवर्जन का असर रोडवेज बसों पर भी साफ दिखाई दिया। सैटेलाइट बस स्टैंड की ओर जाने वाले मार्ग पर लंबा जाम लग गया। कई बसें तय समय से काफी देर से पहुंचीं, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। यात्रियों का कहना था कि बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था किए रूट डायवर्ट करना आम जनता के साथ अन्याय है।

मरीज और छात्र सबसे ज्यादा परेशान

जाम की वजह से स्कूल जाने वाले बच्चों, परीक्षा देने जा रहे छात्रों और अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस को भी कई जगह जाम में फंसे देखा गया, जिसे देखकर लोग ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए।

ट्रैफिक पुलिस की चुनौती बढ़ी

ट्रैफिक पुलिस ने चौकी चौराहा समेत कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया, लेकिन वाहनों की संख्या के आगे सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए। अचानक बदले गए रूट के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रही, जिससे जाम और बढ़ता चला गया।

तीन महीने तक चलेगा सड़क निर्माण

एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण का कार्य लगभग तीन महीने तक चलेगा। यदि इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को और मजबूत नहीं किया गया, तो शहरवासियों को रोजाना इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

क्या रोज झेलेगा बरेली जाम?

शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन को पहले से बेहतर प्लानिंग करनी चाहिए थी। स्पष्ट साइन बोर्ड, पर्याप्त पुलिस बल और वैकल्पिक मार्गों की सही जानकारी न होने के कारण जनता को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। अगर जल्द ही व्यवस्था नहीं सुधरी, तो बरेली में जाम रोजमर्रा की समस्या बन जाएगा।

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