उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आया यह मामला न सिर्फ रिश्तों की हकीकत उजागर करता है, बल्कि प्रेम, भरोसे और शादी जैसे पवित्र बंधनों पर भी सवाल खड़े करता है। 9 साल तक चले प्रेम संबंध के बाद नवंबर में शादी करने वाले एक युवक की मौत को पहले आत्महत्या बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने ऐसा सच सामने लाया, जिसने पूरे मामले की तस्वीर ही बदल दी। बरेली में संविदाकर्मी युवक की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि के बाद पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Bareilly Husband Murder Case: आत्महत्या नहीं, हत्या निकली सच्चाई
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 33 वर्षीय जितेंद्र यादव की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या का माना गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सच्चाई परत-दर-परत सामने आती चली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि जितेंद्र की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई हत्या है।
कौन था मृतक जितेंद्र यादव?
मृतक जितेंद्र यादव आईवीआरआई (IVRI) में संविदा पर ऑफिस सहायक के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से इटावा जिले के भरथाना के रहने वाले थे। नौकरी के चलते वह बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की कैलाशपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। जितेंद्र अपनी पत्नी ज्योति के साथ कमल सक्सेना के मकान में किराये पर रहते थे। दोनों को शादी हुए अभी महज 25 दिन ही हुए थे।
9 साल का प्यार, फिर नवंबर में शादी
जितेंद्र और ज्योति के बीच करीब 9 सालों तक प्रेम संबंध रहा। लंबे समय तक चले इस रिश्ते के बाद दोनों ने 25 नवंबर को शादी कर ली। बताया जाता है कि यह लव मैरिज थी और शुरुआत में दोनों बेहद खुश नजर आ रहे थे। ज्योति यूपी रोडवेज में कंडक्टर के पद पर कार्यरत है। शादी के बाद दोनों ने नई जिंदगी शुरू करने के लिए किराये का मकान लिया, लेकिन यह रिश्ता जल्द ही तनाव और विवादों में उलझ गया।
मकान और कार के लिए दबाव का आरोप
मृतक के भाई अजय यादव ने थाना इज्जतनगर में दर्ज कराई गई शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ज्योति और उसके मायके वाले जितेंद्र पर पैतृक संपत्ति बेचकर मकान और कार ज्योति के नाम पर लेने का दबाव बना रहे थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अगर जितेंद्र उनकी मांगें पूरी नहीं करता था, तो उसे और उसके परिवार को दहेज उत्पीड़न के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाती थी। अजय का दावा है कि इसी मानसिक प्रताड़ना के चलते उसके भाई ने आत्महत्या कर ली होगी।
कमरे में फंदे से लटका मिला शव
सोमवार सुबह जितेंद्र का शव उनके कमरे में मफलर के सहारे वेंटिलेटर से लटका हुआ मिला। उनके पैर नीचे रखे स्टूल पर टिके हुए थे और जीभ बाहर निकली हुई थी। मौके पर मौजूद हालात देखकर पुलिस और परिजन, दोनों ने इसे आत्महत्या मान लिया। घटना के समय पत्नी ज्योति भी कमरे में ही मौजूद थी। पुलिस को सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलटी पूरी कहानी
जब जितेंद्र के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, तो रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। डॉक्टरों ने मौत का कारण स्ट्रेंगुलेशन यानी गला दबाकर हत्या बताया। इसके बाद यह साफ हो गया कि जितेंद्र ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि पहले उसकी हत्या की गई और फिर शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
पत्नी और ससुराल पक्ष शक के घेरे में
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की दिशा पूरी तरह बदल दी। अब यह केस आत्महत्या से उकसाने का नहीं, बल्कि हत्या का मामला बन गया है। पुलिस ने जितेंद्र की पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरन, मां चमेली और भाई दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सभी से अलग-अलग एंगल से सवाल किए जा रहे हैं।
कॉल डिटेल और CCTV खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने जितेंद्र और ज्योति दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना से पहले ज्योति ने आखिरी कॉल अपने मायके वालों को ही की थी। इसके अलावा, पुलिस गली और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना वाली रात कौन-कौन घर आया-गया।
पुलिस की जांच अब नए एंगल से
इज्जतनगर इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद टीम के साथ दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण किया। कमरे की बारीकी से जांच की गई और मकान मालिक समेत पड़ोसियों से भी पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सवालों के घेरे में रिश्ते और भरोसा
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज में बदलते रिश्तों, लालच और भरोसे के टूटने की कहानी भी बयां करता है। 9 साल का प्यार, शादी के 25 दिन बाद ही खून में बदल जाना कई सवाल खड़े करता है।