- अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब: प्रो. डॉ. श्याम बिहारी लाल के निधन से बरेली स्तब्ध
- जनता के विधायक” को अंतिम प्रणाम: मुख्यमंत्री योगी पहुंचे आवास
- सर्किट हाउस से श्मशान भूमि तक गूंजा शोक: फरीदपुर विधायक के आकस्मिक निधन से बरेली शोक में डूबा
बरेली। फरीदपुर से भाजपा विधायक, शिक्षाविद और जनसेवा को जीवन का उद्देश्य मानने वाले प्रोफेसर डॉ. श्याम बिहारी लाल के आकस्मिक निधन ने पूरे बरेली जनपद को गहरे शोक में डुबो दिया है। उनके जाने से न सिर्फ राजनीतिक गलियारों बल्कि आम जनता के बीच भी एक ऐसी रिक्तता पैदा हो गई है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं शक्ति नगर कॉलोनी स्थित दिवंगत विधायक के आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने विधायक की पत्नी, बेटियों और पुत्र से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि पार्टी और सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री करीब 15 मिनट तक आवास पर मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने प्रो. डॉ. श्याम बिहारी लाल के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि वे एक सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले, जमीन से जुड़े और जनता के सच्चे प्रतिनिधि थे।
वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वस्त किया कि दिवंगत विधायक के अधूरे सपनों को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता रहेगी। उनके अनुसार, “प्रोफेसर साहब का जीवन समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा था।”
अचानक बिगड़ी तबीयत, हृदयाघात से निधन
गौरतलब है कि शुक्रवार को प्रो. डॉ. श्याम बिहारी लाल बरेली के सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। बैठक के बाद भोजन के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत चिकित्सकीय सहायता दी गई, लेकिन करीब एक घंटे बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, मौत का कारण हृदयाघात था।उनके अचानक चले जाने की खबर जैसे ही फैली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम नागरिकों की आंखें नम हो गईं।
अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
शनिवार को शक्ति नगर स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। बुजुर्गों से लेकर युवा, महिलाएं, छात्र और कार्यकर्ता—हर कोई अपने प्रिय नेता को अंतिम बार देखने को आतुर था। श्याम बिहारी लाल अमर रहें के नारों के बीच वातावरण पूरी तरह गमगीन नजर आया।
दोपहर करीब 12 बजे उनके आवास से अंतिम यात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई फरीदपुर के स्टेशन रोड स्थित श्मशान भूमि तक पहुंची। अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम जनता का विशाल सैलाब शामिल रहा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
अंतिम संस्कार को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। विधायक कार्यालय से लेकर श्मशान भूमि तक भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई थी। एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान के अनुसार, 3 जनवरी को सुबह 6 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू रहा। भारी वाहनों की शहर में एंट्री प्रतिबंधित की गई और रोडवेज बसों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे दिग्गज नेता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, अरुण कुमार सक्सेना, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, ब्रज क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्गविजय सिंह शाक्य, मेयर उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल सहित कई विधायक, एमएलसी और जनप्रतिनिधि श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रो. डॉ. श्याम बिहारी लाल का जीवन सादगी, संघर्ष और सेवा का प्रतीक था। उनका जाना पार्टी और समाज दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है।
शिक्षा से राजनीति तक का प्रेरणादायक सफर
प्रो. डॉ. श्याम बिहारी लाल न केवल एक सफल राजनेता थे, बल्कि एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद भी थे। शिक्षा के क्षेत्र से राजनीति तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणा रहा। वे हमेशा कहते थे कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता नहीं, सेवा होना चाहिए। उनके निधन से फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में गहरा शून्य उत्पन्न हो गया है। क्षेत्र के लोग आज भी यह विश्वास नहीं कर पा रहे कि उनका लोकप्रिय विधायक अब उनके बीच नहीं रहा।