Noida News: दिल्ली-एनसीआर में रोज़ाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। वर्षों से ट्रैफिक जाम, मेट्रो बदलने की मजबूरी और घंटों का समय बर्बाद करने वाले नोएडा और फरीदाबाद के यात्रियों के लिए अब उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन के विस्तार और मंझावली पुल की अप्रोच रोड के निर्माण से एनसीआर की कनेक्टिविटी पूरी तरह से बदलने वाली है। यह परियोजना न केवल नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद को करीब लाएगी, बल्कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति देगी। आने वाले वर्षों में इसका असर रियल एस्टेट, रोजगार और कारोबार पर साफ़ दिखाई देगा।
गोल्डन लाइन विस्तार: सफर होगा सीधा और तेज़
दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन (फेज-5A) के विस्तार के तहत तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक सीधी मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। अभी तक नोएडा से फरीदाबाद जाने वाले यात्रियों को बॉटेनिकल गार्डन या मंडी हाउस होते हुए कालकाजी पर मेट्रो बदलनी पड़ती थी, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी होती थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में यात्रियों को औसतन 15 से 30 मिनट अतिरिक्त लग जाते हैं। कई बार कालकाजी में लाइन बदलने के लिए करीब 1 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, जो बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।
लेकिन गोल्डन लाइन के विस्तार के बाद यात्री सीधे वायलेट लाइन से फरीदाबाद पहुंच सकेंगे, जिससे सफर कहीं अधिक आरामदायक और तेज़ हो जाएगा।
समय की बचत, तनाव से राहत
इस नई मेट्रो कनेक्टिविटी से रोज़ाना सफर करने वाले लाखों ऑफिस गोअर्स, छात्र और कारोबारी वर्ग को बड़ा फायदा मिलेगा। जहां पहले नोएडा से फरीदाबाद पहुंचने में 90 मिनट तक का समय लग जाता था, वहीं अब यह सफर काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। यात्रियों का कहना है कि मेट्रो बदलने की झंझट खत्म होने से न केवल समय बचेगा, बल्कि सफर का मानसिक तनाव भी कम होगा।
1024.8 करोड़ की लागत, 3 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
इस महत्वाकांक्षी मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 3 किलोमीटर होगी और इस पर लगभग 1024.8 करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना के तहत एक नया मेट्रो स्टेशन भी बनाया जाएगा, जिससे आसपास के इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकारी एजेंसियों ने इस परियोजना को तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भविष्य में एनसीआर की अर्थव्यवस्था को कई गुना बढ़ा सकता है।
मंझावली पुल: यूपी-हरियाणा की नई जीवनरेखा
मेट्रो के साथ-साथ मंझावली पुल की अप्रोच रोड का निर्माण भी इस पूरे प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है।
यमुना नदी पर 630 मीटर लंबा मंझावली पुल पहले ही बन चुका है। अब इसकी अप्रोच रोड तैयार की जा रही है, जिससे फरीदाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रास्ता और आसान हो जाएगा।
- यूपी की ओर: 6.4 किलोमीटर लंबी सड़क
- हरियाणा की ओर: 1.7 किलोमीटर अप्रोच रोड
- कुल लागत: 66.50 करोड़ रुपये
इस सड़क के बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वैकल्पिक मार्ग मिलने से जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
विकास को मिलेगा बूस्ट
शहरी विकास विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट एनसीआर में रियल एस्टेट, इंडस्ट्रियल बेल्ट और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद जैसे शहरों में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी और निवेशकों का रुझान भी बढ़ेगा। इसके अलावा, जेवर एयरपोर्ट से जुड़ने वाले मार्गों को भी इससे अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे पूरे वेस्टर्न यूपी और साउथ हरियाणा की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
नेताओं की मौजूदगी में हुआ शिलान्यास
इस परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने इस परियोजना को यूपी और हरियाणा के साझा विकास का प्रतीक बताया। डॉ. महेश शर्मा ने कहा, मंझावली-जेवर मार्ग ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह परियोजना न केवल दूरी कम करेगी, बल्कि दोनों राज्यों के बीच आर्थिक और सामाजिक रिश्तों को भी मजबूत बनाएगी।
आने वाला कल बदलेगा एनसीआर
कुल मिलाकर, गोल्डन लाइन का विस्तार और मंझावली पुल की अप्रोच रोड एनसीआर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक बड़ा बदलाव साबित होंगे। यह परियोजना आने वाले वर्षों में लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगी, समय की बचत करेगी और विकास की रफ्तार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।