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Delhi में इंस्टा लव की हैरान कर देने वाली कहानी: बेटी गायब, क्राइम ब्रांच की दबिश और फिर मिली नई सच्चाई

Delhi Crime News: दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में रहने वाले एक साधारण से परिवार की ज़िंदगी 26 मई 2024 की सुबह अचानक उलट गई। रोज की तरह घर में नाश्ता बन रहा था, बच्चे तैयार हो रहे थे, लेकिन जब 17 साल की बेटी कमरे से बाहर नहीं आई तो कोई भी नहीं जानता था कि यह चिंता कुछ घंटों में डर, और डर कुछ ही दिनों में दहशत में बदल जाएगा। 

मां ने बेटी के कमरे का दरवाज़ा खटखटाया, अंदर कोई जवाब नहीं था। दरवाज़ा खोला तो बिस्तर खाली, अलमारी आधी खुली, कुछ कपड़े और ज़रूरी सामान गायब। पहले तो लगा कहीं पास की दुकान या सहेली के घर गई होगी, लेकिन जैसे‑जैसे वक्त बीतता गया, परिवार की धड़कनें तेज़ होती गईं।

एक सुबह, जब बेटी घर नहीं लौटी

कई घंटे इंतज़ार के बाद जब बेटी का कोई पता नहीं चला तो परिवार सीधे सिविल लाइंस थाने पहुंचा। डरी‑सहमी मां और घबराए पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी 17 साल की नाबालिग बेटी अचानक घर से गायब हो गई है। मोबाइल बंद, कोई नोट नहीं, कोई क्लू नहीं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आईपीसी की धारा 363 के तहत अपहरण का केस दर्ज किया। नाबालिग बच्ची का मामला होने के कारण इसे हल्के में लेने का सवाल ही नहीं था। केस को तुरंत क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया, जो ऐसे मामलों की नोडल यूनिट मानी जाती है। परिवार के लिए ये कुछ दिन किसी काली सुरंग की तरह थे – न दिन दिखता था, न रात। मां की आंखों से नींद गायब हो चुकी थी, पिता हर फोन कॉल पर उम्मीद से फोन उठाते, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगती।

क्राइम ब्रांच की टीम एक्टिव, सोशल मीडिया से सुराग की तलाश

एसीपी सुरेश कुमार की निगरानी में इंस्पेक्टर संजय कुमार, एसआई विशाल गुप्ता, हेड कॉन्स्टेबल अमित और महिला कॉन्स्टेबल दीपिका की एक स्पेशल टीम बनाई गई। टीम ने सबसे पहले परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बातचीत शुरू की। बच्ची के दोस्तों, स्कूल से जुड़े लोगों और आसपास के सर्कल से हर छोटी–बड़ी जानकारी जुटाई गई। फिर शुरू हुआ टेक्निकल एनालिसिस का दौर। लड़की की मोबाइल कॉल डिटेल, चैट हिस्ट्री, सोशल मीडिया अकाउंट्स – खासतौर पर इंस्टाग्राम – की बारीकी से जांच की गई। डिजिटल ट्रेल धीरे‑धीरे एक ऐसे नाम की ओर इशारा करने लगी, जो परिवार के लिए पूरी तरह अनजान था, लेकिन लड़की के लिए पिछले दो साल से ‘बहुत खास’ बन चुका था।

इंस्टाग्राम पर हुआ परिचय, चैट से बढ़ा रिश्ता

जांच में सामने आया कि लड़की की पहचान एक युवक से इंस्टाग्राम के ज़रिए हुई थी। पहले कुछ लाइक और कमेंट, फिर चैट, और धीरे‑धीरे यह बातचीत दो साल पुराना रिश्ता बन गई। वर्चुअल दुनिया में शुरू हुआ यह कनेक्शन रियल लाइफ में इतना गहरा हो गया कि लड़की ने परिवार से छुपाकर इस रिश्ते को अपनी ज़िंदगी का फैसला बना लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच लगातार चैटिंग, कॉल और वीडियो कॉल होते थे। परिवार को इसका अंदेशा तक नहीं था कि इंटरनेट पर चल रही यह “दोस्ती” एक दिन बेटी को घर छोड़कर जाने तक ले जाएगी।

घर से निकलकर बवाना, और फिर ‘शादी’

26 मई की सुबह, जब परिवार अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या में व्यस्त था, उसी वक्त बेटी चुपचाप घर से निकली और सीधे दिल्ली के बवाना इलाके की ओर चल पड़ी। यहां उसकी मुलाकात उसी युवक से हुई, जिससे वह इंस्टाग्राम पर बात करती थी। दोनों ने साथ रहना शुरू कर दिया, और बाद में लड़की ने उसी युवक से शादी भी कर ली। कानूनी रूप से वह अभी नाबालिग थी, इसलिए यह पूरा मामला और संवेदनशील हो गया। ऐसे मामलों में कई बार ह्यूमन ट्रैफिकिंग, शोषण या अन्य गंभीर अपराधों का खतरा भी होता है, इसी वजह से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट इस केस पर खास नज़र बनाए हुई थी।

  • इंस्‍टाग्राम पर हुआ प्‍यार, 17 की उम्र में घर छोड़ शादी… महीनों बाद बवाना से बरामद हुई नाबालिग
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  • सोशल मीडिया चैट से मंडप तक: आठवीं पास लड़की की ‘छुपी शादी’ ने हिला दिया पूरा परिवार
  • सुबह कमरे से गायब, शाम को गुमशुदगी, और फिर बवाना से बरामद… 17 साल की बेटी की 6 महीने की रहस्यमयी यात्रा

हेड कॉन्स्टेबल को मिली ‘खास सूचना’, फिर छापा

जांच के दौरान हेड कॉन्स्टेबल अमित को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। सूचना के आधार पर टीम ने बवाना के रमेश कॉलोनी के पास इलाके में दबिश देने की योजना बनाई। कई घंटे तक इलाके में चुपचाप निगरानी की गई, हर घर, हर गली पर नज़र रखी गई। आखिरकार वह पल आया जिसका परिवार हफ्तों से इंतज़ार कर रहा था। पुलिस टीम ने एक ठिकाने से नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया। वह शारीरिक रूप से सुरक्षित थी, जो परिवार और पुलिस – दोनों के लिए सबसे बड़ी राहत थी।

परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं

जब खबर परिवार तक पहुंची कि बेटी मिल गई है और वह सुरक्षित है, तो घर में जैसे सन्नाटे की जगह सिसकियों और राहत के आंसुओं ने ले ली। मां की आंखों से लगातार गिरते आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि ये सिर्फ एक “क्लोज़्ड केस” नहीं, बल्कि एक घर की टूटी हुई सांसों का वापस लौटना था। पुलिस टीम के लिए भी यह एक इमोशनल पल था। ऐसे केसों में अक्सर देरी, गलत ट्रैक या क्राइम एंगल की वजह से नतीजे डरावने हो सकते हैं, लेकिन यहां बच्ची का सुरक्षित मिलना सबसे बड़ी जीत थी।

आठवीं तक पढ़ी, तीन भाई‑बहन, और सोशल मीडिया की दुनिया

पूछताछ में सामने आया कि लड़की आठवीं तक स्कूल गई थी और उसके परिवार में तीन भाई‑बहन हैं। शिक्षा अधूरी थी, लेकिन स्मार्टफोन और इंस्टाग्राम ने उसकी दुनिया को अचानक बहुत बड़ा और ग्लैमर से भरा बना दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि लड़की ने बाद में इसी युवक से शादी कर ली थी, जिसके साथ वह बवाना में रह रही थी। लेकिन कानूनी तौर पर नाबालिग होने के कारण यह पूरा मसला अब कानून और चाइल्ड प्रोटेक्शन के दायरे में आ गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बच्ची को संबंधित स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया, ताकि जुवेनाइल और महिला सुरक्षा से जुड़े नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सके।

इंस्टाग्राम लव स्टोरी या अलार्म बेल?

  • यह पूरा मामला कई बड़े सवाल भी छोड़ जाता है –
  • क्या माता‑पिता बच्चों की ऑनलाइन लाइफ से पूरी तरह अनजान होते जा रहे हैं?
  • क्या नाबालिग उम्र में सोशल मीडिया पर बने रिश्ते इतनी जल्दी “ज़िंदगी का फैसला” बन सकते हैं?
  • क्या बच्चों को इंटरनेट से पूरी तरह दूर रखना हल है, या उन्हें सही गाइडेंस और मॉनिटरिंग की ज़रूरत है?

सिविल लाइंस की यह इंस्टाग्राम लव स्टोरी भले ही एक खुशखबरी – “बेटी सुरक्षित मिल गई” – पर खत्म होती दिख रही है, लेकिन यह हर उस परिवार के लिए चेतावनी भी है, जो अपने बच्चों के फोन स्क्रीन को सिर्फ “मनोरंजन” मानकर नज़रअंदाज़ कर देता है। फिलहाल, पुलिस की जांच आगे जारी है, और बच्ची का बयान, मेडिकल, काउंसलिंग और बाकी कानूनी औपचारिकताएं आने वाले दिनों में इस केस की अगली दिशा तय करेंगी।

 

 

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