उत्तर प्रदेश आज अपना स्थापना दिवस मना रहा है। 24 जनवरी 1950 को अस्तित्व में आए इस राज्य ने बीते 75 वर्षों में संघर्ष, परिवर्तन और विकास की लंबी यात्रा तय की है। स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए उत्तर प्रदेश को भारत के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ बताया और इसके उज्ज्वल भविष्य पर विश्वास जताया
उत्तर प्रदेश आज अपना स्थापना दिवस पूरे गौरव और उत्साह के साथ मना रहा है। 24 जनवरी 1950 को देश के सबसे बड़े राज्य के रूप में अस्तित्व में आए उत्तर प्रदेश ने न केवल भारत की राजनीति और संस्कृति को दिशा दी, बल्कि विकास के हर क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका निभाई है। स्थापना दिवस के मौके पर पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कैसे पड़ा उत्तर प्रदेश का नाम?
आज के उत्तर प्रदेश की नींव वर्ष 1902 में यूनाइटेड प्रॉविंस ऑफ आगरा एंड अवध के रूप में रखी गई थी। स्वतंत्रता के बाद 24 जनवरी 1950 को इसका नाम बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया। वर्ष 2000 तक उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का ही हिस्सा था, जिसे बाद में अलग राज्य का दर्जा दिया गया। कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र को पहले उत्तरांचल कहा गया, जो बाद में उत्तराखंड बना।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश
स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति भारत की विकास यात्रा का मजबूत आधार रहा है। उन्होंने प्रदेश के मेहनती और प्रतिभाशाली लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि यूपी निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री मोदी बोले—‘यूपी का सामर्थ्य देश के काम आएगा’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारतीय संस्कृति और विरासत को समृद्ध करने में उत्तर प्रदेश का योगदान अमूल्य है। पीएम मोदी ने डबल इंजन सरकार की चर्चा करते हुए कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने ‘बीमारू राज्य’ से ‘बेमिसाल प्रदेश’ बनने का सफर तय किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि देश की प्रगति को गति देने में उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक होगी।
अमित शाह का बयान—‘विकास के नए कीर्तिमान’
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश को सनातन संस्कृति की अमूल्य विरासत से सिंचित भूमि बताते हुए स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गंगा-यमुना की इस पावन धरती ने राष्ट्र को संस्कृति, साधना, शक्ति और संकल्प दिया है। शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार के तहत उत्तर प्रदेश आज विकास और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी का बड़ा संदेश—‘ग्रोथ इंजन बना यूपी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थापना दिवस पर विशेष वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने देश और विदेश में रहने वाले प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि उनके परिश्रम और प्रतिभा ने प्रदेश का मान वैश्विक मंच पर बढ़ाया है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़कर भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
प्रवासियों से जुड़ाव पर जोर
सीएम योगी ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रवासी यूपीवासियों के अनुभव और ज्ञान को प्रदेश की विकास यात्रा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे ‘नए उत्तर प्रदेश’ की पहचान बताया, जहां संभावनाओं की कोई कमी नहीं है।
बदली हुई तस्वीर
आज उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक गलियारों, निवेश और कानून व्यवस्था के मामले में नई पहचान बना चुका है। स्थापना दिवस पर नेताओं के संदेशों में साफ झलकता है कि प्रदेश अब सिर्फ जनसंख्या के लिहाज से नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी देश की धुरी बन चुका है। उत्सव और संकल्प का दिन उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस न केवल उत्सव का अवसर है, बल्कि यह भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी दिन है। नेताओं के संदेशों से स्पष्ट है कि प्रदेश को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में सरकार और जनता एक साथ आगे बढ़ रही है।